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जबलपुर समेत 13 जगह NIA की रेड, टेरर फंडिंग केस में एक्शन

नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी NIA की टीम ने शुक्रवार देर रात मध्‍य प्रदेश के जबलपुर में छापा मारा। टीम यहां मामलों पर आरोपित अब्दुल रज्जाक के साथी मकसूद कबाड़ी और आहद उल्ला अंसारी अधिवक्ता के घर पहुंची थी। एनआईए के साथ स्‍थानीय पुलिस भी मौजूद थी। इस कार्रवाई को आतंकियों को मिलने वाली टेरर फंडिंग से जोड़कर भी देखा जा रहा है। आपको बता दें कि हाल ही में ATS ने भोपाल से 10, छिंदवाड़ा से 1 और हैदराबाद से 5 संदिग्ध आतंकियों को अपनी गिरफ्त में लिया था.ये सभी हिज़्ब उत तहरीर यानि HuT नाम के संगठन से जुड़े थे। जिसके बाद जबलपुर में हुई इस कार्यवाही को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि जबलपुर में हुई हुई कार्यवाही को पूरी तरह से गोपनीय रखा गया। अधिकारी कुछ भी बोलने से पूरी तरह कतराते रहे। इस कार्यवाही के दौरान हालात ऐसे बने कि जबलपुर के ओमती इलाके के क्षेत्र को 1 किलोमीटर तक सील कर दिया गया था। दोनों तरफ सख्त बैरिकेडिंग के साथ ही अधिकारियों की टीमें तैनात रही। बाहर जिला पुलिस का बल मुस्तैद रहा तो अंदर एनआईए कार्यवाही करती रही.एनआईए की टीम ने इस दौरान सात जगहों पर छापे मारे हैं, जिसमें चार स्थान ओमती में है, दो गोहलपुर और एक सिविल लाइंस में शामिल है। मालूम हो कि केंद्रीय दल ने प्रदेश में पूर्व में हुई कार्रवाई से मिले इनपुट के आधार पर छापे मारे हैं। छापे के दौरान जांच दल को मौके से आपत्तिजनक साहित्य और हथियार मिलने की जानकारी सामने आई है.मालूम हो कि कुछ दिन पहले ही पुलिस ने अब्दुल रज्जाक के आवास पर दबिश दी थी। जहां बड़ी संख्या में हथियारों का जखीरा मिला था। इस दौरान अब्दुल रज्जक और उसके भतीजे मोहम्मद शहबाज को गिरफ्तार कर घर की तलाशी ली गई। इस बीच उसका बेटा सरताज  दुबई भागने में कामयाब रहा। सूत्रों के मुताबिक हिस्ट्रीशीटर अब्दुल रज्जाक का बेटा अब दुबई में रहकर अपनी गैंग ऑपरेट कर रहा है। अब्दुल रज्जाक के मामले में पुलिस को इस बात के पुख्ता सबूत मिले थे कि उसकी भी कई आतंकी संगठनों से रिश्ते हैं और उसे भी विदेशों से फंडिंग होती रही है।

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